Waqf Bill : “चिराग, जयंत के साथ JDU और TDP को वक्फ पर दिया बीजेपी का साथ” कैसे ?

Waqf Bill : “चिराग, जयंत के साथ JDU और TDP को वक्फ पर दिया बीजेपी का साथ” कैसे ?

Waqf Bill : बीजेपी ने वक्फ संशोधन बिल 2025 के समर्थन में साफ किया कि चाहे केंद्र सरकार सहयोगी दलों के साथ चल रही हो, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विवादास्पद मुद्दों पर भी उनका समर्थन हासिल कर आगे बढ़ सकते हैं। इस बिल के जरिए बीजेपी ने अपनी राजनीतिक ताकत और रणनीतिक साझेदारियों को मजबूती से दर्शाया।

Waqf Bill : वक्फ संशोधन बिल 2025 को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा गर्म है कि सेक्यूलर दलों के तौर पर पहचानी जाने वाली टीडीपी (TDP) और जेडीयू (JDU) ने आखिरकार इसे समर्थन देने का निर्णय कैसे लिया। मुस्लिमों से जुड़े मुद्दों पर इन पार्टियों ने पहले बीजेपी से अलग राय रखी है, खासकर समान नागरिक संहिता पर जेडीयू का विरोध प्रमुख था। अब सवाल उठता है कि आखिर पर्दे के पीछे क्या हुआ, जिससे बीजेपी ने इन दलों को विवादास्पद वक्फ बिल के समर्थन के लिए राजी कर लिया। यह स्थिति बीजेपी की रणनीति और राजनीतिक समझ को दर्शाती है।

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सहयोगी दलों ने सरकार के प्रस्ताव से सहमति जताई, लेकिन वक्फ संशोधन बिल के कई प्रावधानों पर उनकी चिंताएं थीं। विशेष रूप से मौजूदा वक्फ संपत्तियों पर इसके असर और राज्य सरकारों के अधिकारों पर संभावित अतिक्रमण को लेकर उनका संशय था। इन दलों ने सुझाव दिया कि बिल को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा जाए, ताकि सभी प्रावधानों की गहन जांच हो सके और जरूरत पड़ी तो उनमें संशोधन की सिफारिश की जा सके।

तो इसलिए भेजा जेपीसी में: वक्फ बिल पर जेडीयू और टीडीपी के संशोधन प्रमुख

वक्फ संशोधन बिल को लेकर सरकार ने खुद ही इसे संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजने का प्रस्ताव पिछले साल आठ अगस्त को रखा था। सहयोगी दलों से सहमति बनने के बाद यह कदम उठाया गया। जेपीसी की बैठकों में इन दलों ने कई संशोधन सुझाए, जिनमें एनडीए के 14 संशोधन स्वीकार किए गए। जेडीयू ने सरकार से नए कानून को पिछली तारीख से लागू न करने और राज्यों की राय को महत्व देने की सिफारिश की, जिसे सरकार ने प्राथमिकता दी।

सहयोगियों के कहने पर संशोधन किए गए: वक्फ बिल में जेडीयू और टीडीपी के सुझावों को प्राथमिकता

सूत्रों के अनुसार, वक्फ संशोधन बिल में जेपीसी द्वारा सुझाए गए 14 महत्वपूर्ण संशोधनों को शामिल किया गया। सरकार ने लोकसभा में पारित बिल में यह सुनिश्चित किया कि यह पिछली तारीख से लागू नहीं होगा। इसके अलावा, राज्य वक्फ बोर्डों में कलेक्टर की बजाय वरिष्ठ सरकारी अधिकारी को मध्यस्थ का अधिकार देने का संशोधन भी किया गया, जिससे राज्य सरकारों की भूमिका बढ़ी। टीडीपी ने भी राज्यों की स्वायत्तता को बरकरार रखने के लिए सुझाव दिए, जिन्हें बिल में शामिल किया गया। इसके बाद, टीडीपी ने बिल का समर्थन किया।

अमित शाह ने की जेडीयू और टीडीपी के नेताओं से मुलाकात, वक्फ बिल पर किया स्पष्ट संवाद

वक्फ संशोधन बिल लाने से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद भवन में जेडीयू के ललन सिंह और संजय झा से मुलाकात की। उन्हें बताया गया कि जेडीयू के सुझावों को बिल में शामिल किया गया है। ललन सिंह ने लोकसभा में बिल का समर्थन करते हुए मुस्लिमों के हितों की आशंकाओं को निराधार बताया, जबकि टीडीपी के केपी टेनेटी ने चंद्रबाबू नायडू के फैसलों का उल्लेख करते हुए बिल के समर्थन की पुष्टि की। बीजेपी ने सहयोगी दलों के साथ विवादास्पद मुद्दों पर समर्थन हासिल करने की अपनी रणनीति स्पष्ट की।

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