Kasar Devi Temple : “चुंबकीय शक्ति का केंद्र है यह देवी मंदिर, विवेकानंद ने भी किया था ध्यान, मन को शांति मिलती है यहां”

Kasar Devi Temple : “चुंबकीय शक्ति का केंद्र है यह देवी मंदिर, विवेकानंद ने भी किया था ध्यान, मन को शांति मिलती है यहां”

Kasar Devi Temple : उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले स्थित कसार देवी मंदिर को धरती का चुंबकीय क्षेत्र माना जाता है। यह स्थान न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यहां की अद्वितीय चुंबकीय शक्ति भी प्रसिद्ध है। स्वामी विवेकानंद ने यहां ध्यान किया था। यह मंदिर मन को शांति देने के लिए जाना जाता है और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है।

Kasar Devi Temple : कसार देवी मंदिर उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में स्थित है और इसे आध्यात्मिक शक्ति का केंद्र माना जाता है। यह मंदिर माता दुर्गा के एक रूप को समर्पित है और हिमालय की खूबसूरत वादियों में स्थित है, जो प्राकृतिक सुंदरता और शांति का अनुभव कराता है। मंदिर की स्थापना 1000 साल पहले हुई थी, और यह धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। कसार देवी मंदिर के बारे में कई रहस्यों के बीच यह स्थल न केवल भक्तों के लिए, बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक प्रमुख आकर्षण बन चुका है। यहां की ऊर्जा और वातावरण मन को शांति प्रदान करते हैं।

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चुंबकीय शक्ति का रहस्यमयी केंद्र

उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में स्थित कसार देवी मंदिर चुंबकीय शक्ति क्षेत्र (Van Allen Belt) में आता है, जो दुनिया के तीन प्रमुख ऊर्जा केंद्रों में से एक है। यहां की अद्वितीय चुंबकीय शक्ति लोगों को शांति और ऊर्जा का अहसास कराती है। इस रहस्यमयी स्थान के अलावा, माचू पिचू (पेरू) और स्टोनहेंज (इंग्लैंड) भी चुंबकीय ऊर्जा के लिए प्रसिद्ध हैं। कसार देवी मंदिर धार्मिक और वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल बन चुका है।

मंदिर का ऐतिहासिक महत्व

कसार देवी मंदिर का इतिहास द्वापर युग से जुड़ा हुआ माना जाता है, और इसकी स्थापना लगभग दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व में हुई थी। स्वामी विवेकानंद ने 1890 में इस मंदिर का दौरा किया और यहां ध्यान करते हुए उन्हें अलौकिक अनुभव प्राप्त हुआ। विवेकानंद ने अपनी कई पुस्तकों में इस मंदिर का उल्लेख किया है। उनके गुरु रामकृष्ण परमहंस भी इस पवित्र स्थल पर आए थे, जिससे मंदिर की धार्मिक और ऐतिहासिक महत्ता और बढ़ जाती है।

कसार देवी मंदिर को आध्यात्मिकता का केंद्र कहते है

कसार देवी मंदिर अपनी अद्वितीय चुंबकीय शक्ति के लिए प्रसिद्ध है। यहां ध्यान लगाने से भक्तों को शीघ्र समाधि की प्राप्ति होती है, जिससे यह स्थान साधु-संतों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। तंत्र-मंत्र से जुड़े प्रयोग करने के लिए भी साधु इस पवित्र स्थल पर आते हैं। साथ ही, यहां ध्यान करने से भक्तों को मानसिक शांति का अनुभव होता है, जो इसे एक आध्यात्मिक शक्तिपीठ बना देता है।

माँ मन की मुरादें करती है पूरी

कसार देवी मंदिर में स्थापित देवी की मूर्ति भक्तों को बारह महीनों भर दर्शन देने के लिए उपलब्ध है। नियमित पूजा और ध्यान से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां पूजा और ध्यान करने से आत्मज्ञान की प्राप्ति होती है। इसलिए हर वर्ष लाखों लोग इस मंदिर में कसार माता के दर्शन करने आते हैं, जो उन्हें मानसिक शांति और आध्यात्मिक मार्ग पर अग्रसर होने का आशीर्वाद प्रदान करती है।

कसार देवी मंदिर के रहस्य से वैज्ञानिक भी हैरान

कसार देवी मंदिर भू चुंबकीय शक्ति का केंद्र माना जाता है, जिसे नासा के वैज्ञानिकों ने जीपीएस 8 केंद्र के रूप में चिह्नित किया है। वैज्ञानिकों के अनुसार, मंदिर के आसपास के क्षेत्र में भू चुंबकीय पिंड धरती के अंदर मौजूद हैं। इन पिंडों की वजह से यहां चुंबकीय शक्ति का प्रभाव होता है, जिससे भक्तों को मानसिक शांति का अनुभव होता है। इस रहस्यमयी शक्ति ने वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया है।

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