In the field of AI : भारत हुआ AI के क्षेत्र में आगे UN ने की सराहना

In the field of AI : भारत हुआ AI के क्षेत्र में आगे UN ने की सराहना

In the field of AI :रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन, ब्राजील और भारत ने एआई डेवलपर्स का एक बड़ा समूह तैयार किया है। यह कदम एआई के तेजी से विकास के मद्देनजर नीतिगत प्रयासों के महत्व को उजागर करता है। इन देशों का ध्यान एआई के क्षेत्र में अपनी तैयारियों को मजबूत करने पर है, जिससे वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उनका स्थान मजबूत हो सके।

In the field of AI : संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने 1.4 अरब डॉलर के निवेश के साथ एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) में 10वां स्थान हासिल किया है। रिपोर्ट में बताया गया कि भारत और चीन 2033 तक एआई में महत्वपूर्ण निजी निवेश करेंगे। यूएनसीटीएडी (UNCTAD) की प्रौद्योगिकी और नवाचार रिपोर्ट 2025 के अनुसार, भारत 2024 में ‘अग्रणी प्रौद्योगिकी के लिए तत्परता’ सूचकांक में 36वें स्थान पर है, जो 2022 में 48वें स्थान से बेहतर है। यह सूचकांक सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी), कौशल, अनुसंधान एवं विकास, औद्योगिक क्षमता और वित्त तक पहुंच जैसे संकेतकों पर आधारित है।

इसे भी पढ़े -Pranic Healing: बिना दवाइयों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान”

एआई (AI) में अमेरिका का निवेश सबसे ज्यादा, भारत 10वें स्थान पर

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, एआई में निवेश के मामले में अमेरिका सबसे आगे है, जिसने 2023 में 67 अरब डॉलर का निवेश किया, जो वैश्विक निवेश का 70 प्रतिशत है। चीन 7.8 अरब डॉलर के निवेश के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि भारत 1.4 अरब डॉलर के निवेश के साथ 10वें स्थान पर है। रिपोर्ट में भारत की विभिन्न तकनीकी क्षमताओं का उल्लेख किया गया, जैसे आईसीटी में 99वां, कौशल में 113वां और आरएंडडी में तीसरा स्थान। ब्राजील, चीन, भारत और फिलीपीन प्रौद्योगिकी तत्परता में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

एआई (AI) से नौकरियों पर क्या असर पड़ेगा?

एआई-संचालित स्वचालन से श्रम के बजाय पूंजी को अधिक लाभ मिल सकता है, जिससे असमानता बढ़ने और नौकरियों पर नकारात्मक असर पड़ने की संभावना है। हालांकि, यह नई उद्योगों के अवसर भी पैदा कर सकता है और श्रमिकों को सशक्त बना सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि नए कौशल प्रदान करना और कार्यबल अनुकूलन में निवेश आवश्यक है, ताकि एआई रोजगार के अवसरों को खत्म करने के बजाय उन्हें बढ़ाए। ब्राजील, चीन, भारत और फिलीपीन जैसे विकासशील देश प्रौद्योगिकी तत्परता में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।

AI में चीन और भारत से बड़ी उम्मीदें

रिपोर्ट के अनुसार, विकसित देशों के मुकाबले कुछ विकासशील देशों, जैसे चीन और भारत, ने एआई में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। यह रिपोर्ट बताती है कि उच्च जीडीपी वाले देश अत्याधुनिक तकनीकों के लिए बेहतर तैयार हैं, लेकिन चीन, भारत और सिंगापुर जैसे देश अपनी आय के स्तर से कहीं बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। एआई के क्षेत्र में चीन, जर्मनी, ब्रिटेन और अमेरिका ने वैज्ञानिक ताकत दिखाई है, जबकि भारत और चीन गिटहब डेवलपर्स में शीर्ष स्थानों पर हैं।

क्या है गिटहब?

‘गिटहब’ एक वेब-आधारित सेवा है जो सॉफ़्टवेयर परियोजनाओं के कोड को संग्रहीत करने की सुविधा प्रदान करती है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत और चीन में बड़ी संख्या में एआई डेवलपर्स हैं, जो इन देशों को एआई विकास में अग्रणी बनाए रखते हैं। भारत में लगभग 1.3 करोड़ डेवलपर्स हैं, और ये दोनों देश गिटहब पर ‘जेनएआई प्रोजेक्ट’ के लिए प्रमुख योगदानकर्ता हैं। 2024 में, भारत ने ‘इंडिया एआई मिशन’ के तहत एआई नवाचार को बढ़ावा देने की योजना बनाई।

नवीनतम वीडियो समाचार अपडेट प्राप्त करने के लिए संस्कार न्यूज़ को अभी सब्सक्राइब करें

CATEGORIES
TAGS
Share This
Social Media Auto Publish Powered By : XYZScripts.com