जानिए रमा एकादशी (Rama Ekadashi) का महत्व और पूजा विधि

जानिए रमा एकादशी (Rama Ekadashi) का महत्व और पूजा विधि

सनातन धर्म में एकादशी व्रत का बहुत ही धार्मिक महत्व बताया गया है। रमा एकादशी (Rama Ekadashi) पड़ने का शुभ समय और इस व्रत को करने का महत्व

सनातन धर्म में (Rama Ekadashi) एकादशी व्रत का बहुत ही धार्मिक महत्व बताया गया है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करके उनको खुश किया जाता है। जिसमे भगवान विष्णु से मंगलमयी जीवन को पाने का आशीर्वाद माँगा जाता हैं। इस व्रत की शुरुआत सूर्योदय से होती है और अगले दिन द्वादशी तिथि को समाप्त हो जाती है। ऐसा माना जाता है की जो व्यक्ति इस दिन अपनी पूरी निष्ठा के साथ उपवास करता हैं भगवान विष्णु उसके जीवन की सारी समस्याएं को दूर करते हैं। साथ ही साथ उसके सभी मनोरथ सिद्ध करते है।

  • सनातन धर्म में एकादशी का बहुत अधिक महत्व माना गया है।
  • एकादशी में भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की जाती है।
  • पूरे साल में कुल 24 एकादशी पड़ती है।

सनातन धर्म में एकादशी (Rama Ekadashi) व्रत का बहुत अधिक महत्व बताया गया है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करके उन्हें प्रसन्न किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के लिए बहुत से उपवास करते हैं और उनसे अपने घर की सुख समृद्धि के लिए मंगल कामना करते हैं। एकादशी (Ekadashi In November 2023) व्रत की शुरुआत सूर्योदय से होती है जो अगले दिन द्वादशी तिथि को समाप्त हो जाती है, जो व्यक्ति एकादशी के दिन भगवान विष्णु की अपनी निष्ठा और लगन से पूजा अर्चना करते हैं, उनके जीवन की सभी परेशानिया दूर हो जाती है। इस व्रत को बहुत ही विधि विधान से करना चाहिये।रमा एकादशी प्रारम्भ होगी 8 नवंबर 08:20 से जिसकी समाप्ति 9 नवंबर सुबह 10:41 तक होगी रमा एकादशी पारण का समय – 10 नवंबर सुबह 05:52 बजे से सुबह 08:07 बजे तक रहेगा।

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रमा एकादशी व्रत पूजा विधि

इस पूजा में ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निर्वित होकर साफ कपडे धारण करे इसके बाद में मंदिर की सफाई करें।एक छोटी चौकी पर भगवान विष्णु की प्रतिमा रखे। साथ ही साथ दीया जलाएं, पीले चंदन और हल्दी कुमकुम से तिलक करें, कुछ मीठा फलादि के साथ तुलसी पत्र को अर्पित करे। शाम को विधि पूर्वक भगवान की पूजा अर्चना करें, इसके साथ ही विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना न भूले। व्रत कथा का वाचन करे और अंत में आरती करें।साथ ही व्रत करने वाले व्यक्ति फलाहारी नमक का सेवन करे। व्रत अगले दिन द्वादशी तिथि को पारण के समय खोले।

रमा एकादशी (Rama Ekadashi) व्रत का महत्व

सनातन धर्म में रमा एकादशी व्रत की बहुत अधिक महत्ता बताई गयी है। इस दिन को भक्त अपनी निष्ठा लगन के साथ मनाते हैं। यह व्रत बहुत ही अधिक फलदायी होता है सभी भक्त भगवान विष्णु से अपने मंगल की कामना करते हैं। पूरे साल में कुल 24 एकादशी मनाई जाती है पौराणिक कथाओ के अनुसार ऐसा माना गया है कि जो भक्त इस शुभ दिन पर उपवास करते हैं, उन्हें पिछले जन्म के बुरे कर्मों से मुक्ति मिल जाती हैं और मृत्यु के बाद वैकुंठ धाम में उन्हें जगह दी जाती हैं।

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