Delhi Pollution : 450 से ज्यादा AQI के चलते दिल्ली में सास लेना हुआ मुश्किल

Delhi Pollution : 450 से ज्यादा AQI के चलते दिल्ली में सास लेना हुआ मुश्किल

Delhi Pollution : केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मिली सूचना के अनुसार पूरी दिल्ली में हवा की क्वालिटी (Delhi Air Quality)लोगो के लिए जानलेवा बन गयी है। सुबह आनंद विहार में एक्यूआई 432, आरके पुरम में 453 नोटिस किया गया।

Delhi Pollution : दिल्ली में लगातार प्रदूषण का कहर जारी है। प्रदूषण (Delhi Pollution, Delhi Air Quality) होने के कारण राजधानी में सांस लेना बेहद मुश्किल हो गया है। काफी जतन के बाद भी राजधानी में हवा की गुणवत्ता बहुत ज़्यादा दयनीय अवस्था में है। जिसकी सूचना केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रदान की गयी। सुबह करीबन 7 बजे (केंद्रीय सचिवालय स्टेशन और तीन मूर्ति के पास काफी गहरा धुंध मिला। वहां काफी धुंधला दिखाई दे रहा है। ये दशा पूरी दिल्ली में है। इसके साथ ही साथ सुबह साढ़ें 6 बजे कर्तव्य पथ का हाल भी कुछ ऐसा ही था। जहाँ चारो ओर धुंध ही धुंध नज़र आ रहा था। सारे चीज़ो के मद्देनज़र दिल्ली सरकार कृत्रिम बारिश करवाने का विचार कर रही है।

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राजधानी जहरीले धुएं की परत चढ़ी

दिल्ली में आज सुबह कुछ जगहों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 450 से ज्यादा दर्ज किया गया। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में, बवाना (437), नजफगढ़ – (450), न्यू मोती बाग (450)आरके पुरम (453), पंजाबी बाग (444), आईटीओ (441) और आनंद विहार में (432) है. वहीं नोएडा में आज का औसत एक्यूआई 461 है, जो कि बेहद गंभीर श्रेणी है. वहीं गुरुग्राम का औसत एक्यूआई आज 396, फरीदाबाद का औसत एक्यूआई 414, गाजियाबाद का औसत एक्यूआई 370 है। जिसकी वजह से डॉक्टरों ने बच्चों और बुजुर्गों में सांस और आंखों की बीमारियों की बढ़ती संख्या के बारे में चिंता व्यक्त की है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक पूरी दिल्ली में हवा की क्वालिटी ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी हुई है। सुबह आनंद विहार में एक्यूआई 432, आरके पुरम में 453, पंजाबी बाग में 444 और आईटीओ में 441 दर्ज किया गया। राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण संकट से निपटने के लिए, सुप्रीम कोर्ट ने जानकारी दी है कि दिल्ली सरकार अन्य राज्यों में पंजीकृत ऐप-आधारित टैक्सियों को राष्ट्रीय राजधानी के भीतर चलाने पर प्रतिबंध करने के लिए सोचे। दिल्ली के परिवहन मंत्री गोपाल राय ने इस विचार पर अपनी बात कही कि अदालत की सिफारिश को लागू करने का काम अपने विभाग को सौंप दिया।

उबर इस सिलसिले में अपनी प्रतिक्रिया दी

उबर बताया गया कि दिल्ली परिवहन विभाग द्वारा इस प्रस्ताव के बारे में आधिकारिक तौर पर कोई सूचना नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जानकारी दी गयी कि ,” हमें ध्यान देने की आवश्यकता है कि दिल्ली में बड़ी संख्या में ऐप-आधारित टैक्सियां हैं जिनका पंजीकरण विभिन्न राज्यों में है। अगर सड़कों को देखें, तो एक कैब केवल एक यात्री को ले जा रही। केवल दिल्ली में पंजीकृत टैक्सियों को प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक अतिरिक्त उपाय के रूप में चलने की अनुमति है।

प्रदूषण कम करने के लिए दिल्ली सरकार की पहल

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण बढ़ने के चलते राजधानी के सभी स्कूलों के लिए विंटर ब्रेक करने की बात कही है। दिसंबर में मिलने वाली सर्दियों की छुट्टियों को 9 से 18 नवंबर तक एडजस्ट करने की बात सरकार ने कही । प्रदूषण बढ़ने की वजह से दिल्ली सरकार ने यह कदम बच्चों की सेहत ख़राब न होने के लिए उठाया। वहीं दिल्ली सरकार ने ऑड-ईवन लागू करने करने के लिए बोला। इस पर सही से काम नहीं हो रहा। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा है कि उन्होंने पहले भी ऑड-ईवन नियम लगाया था, उससे प्रदूषण में कितना असर हुआ। आने वाले शुक्रवार को होने वाली सुनवाई में दिल्ली सरकार को अदालत में उत्तर देना होगा। इसके बाद ही ऑड-ईवन नियम पर विचार होगा।

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