“मशरिकी हूर” पारसी थिएटर शैली के नाटक का मंचन 30 जुलाई को

“मशरिकी हूर” पारसी थिएटर शैली के नाटक का मंचन 30 जुलाई को

“मशरिकी हूर” Mashariki Hoor पारसी थिएटर शैली के नाटक का मंचन आगामी 30 जुलाई को भारतेन्दु नाट्य अकादमी (BNA) में उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के द्वारा किया जायेगा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी (Uttar Pradesh Urdu Academy) उर्दू भाषा को बढ़ावा देने और इसकी समृद्ध विरासत को संरक्षित रखने में हमेशा अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती आ रही है. जिसके लिए उर्दू अकादमी समय-समय पर कई तरह के कार्यक्रम व निशुल्क कार्यशालाओं का आयोजन करती रहती है। इसी क्रम में उर्दू अकादमी ने अपने पाठ्यक्रम में 3 माह का निशुल्क उर्दू ड्रामा कोर्स मशरिकी हूर Mashariki Hoor को शामिल किया जिसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश में उर्दू भाषा को बढ़ावा देना और उसका विस्तार करना है।

उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के पाठ्यक्रम में उर्दू ड्रामे के कोर्स को शामिल करने से उर्दू भाषा के प्रचार-प्रसार में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है। इस तीन महीने के उर्दू नाटक पाठ्यक्रम का उद्देश्य न केवल भाषा की समृद्धि और सुंदरता को संरक्षित करना है, बल्कि युवा व्यक्तियों को अपनी कलात्मक प्रतिभा का पता लगाने के लिए एक मंच भी प्रदान करना है।

उर्दू नाटक पाठ्यक्रम में अभिनय तकनीक से लेकर स्टेजक्राफ्ट तक सीख रहे विद्यार्थी

मशरिकी हूर Mashariki Hoor

विविध पृष्ठभूमि और क्षेत्रों से लगभग 40 बच्चों के नामांकन के साथ, यह पाठ्यक्रम व्यक्तियों के एक विविध समूह को एक साथ लाता है जो उर्दू नाटक के लिए एक समान जुनून साझा करते हैं। कठोर रिहर्सल और समर्पित प्रशिक्षण के माध्यम से, ये युवा प्रतिभागी अभिनय तकनीक से लेकर स्टेजक्राफ्ट तक थिएटर से जुड़ी हर चीज में खुद को डुबो रहे हैं।

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मशरिकी हूर Mashariki Hoor

पारसी थिएटर के दिग्गज जफर संजरी के निर्देशन में “मशरिकी हूर” Mashariki Hoor की रिहर्सल अभी चल रही है। जफर संजरी की विशेषज्ञता और अनुभव यह सुनिश्चित करता है कि यह प्रदर्शन उच्चतम गुणवत्ता वाला होगा, जो अपनी कलात्मक प्रतिभा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देगा।

वही (Uttar Pradesh Urdu Academy) उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी, मीडिया सेंटर कोऑर्डिनेटर आलोक श्रीवास्तव ने कहा कि, उर्दू नाटक “मशरिकी हूर” Mashariki Hoor के आगामी मंचन के बारे में सूचित करते हुए खुशी हो रही है। यह आयोजन महज एक नाट्य प्रदर्शन नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध उर्दू भाषा और संस्कृति का एक भव्य उत्सव है।

उन्होंने कहा “मशरिकी हूर” एक ऐसा प्रोडक्शन है जो उर्दू की सुंदरता और महत्व को बनाए रखने के लिए उर्दू अकादमी के समर्पण को दर्शाता है। यह उर्दू प्रेमियों और नवागंतुकों दोनों के लिए भाषा की गीतात्मक सुंदरता का अनुभव करते हुए एक मनोरम कहानी में डूबने का अवसर प्रस्तुत करेगा।

नाटक का मंचन आगामी 30 जुलाई को भारतेन्दु नाट्य अकादमी (BNA) गोमतीनगर लखनऊ में शाम 7 बजे से होगा।

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